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मात्र एक दशक पहले भारत के अधिकांश घरों में कपड़े हाथ से ही धुले जाते थे किंतु अब वाशिंग मशीन ने एक बड़ी संख्या में घरों में जगह बना लिया है, खासकर टियर वन और टू सिटीज में तो यह लगभग प्रत्येक घर में मौजूद है। आज के समय में कपड़े धोना चुटकी बजाने जैसा हो गया है। जब आप ऑटोमेटिक वाशिंग मशीन में अपने कपड़े डालते हैं उसके साथ आप डिटर्जेंट पाउडर डालते हैं और ऑटोमेटिक पानी से कनेक्ट होकर आपके सभी कपड़े धुल जाते हैं और सत्तर अस्सी परसेंट तक सुख भी जाते हैं। उसके बाद बस आपको उन कपड़ों को धूप दिखाना होता है पर क्या आप जानते हैं कि वाशिंग मशीन में ना केवल कपड़े बल्कि और भी कई चीजें भूली जा सकती है। जी हां आपने सही सुना केवल कपड़े ही नहीं बल्कि अन्य जरूरी चीजों को भी आप वाशिंग मशीन में धूल सकते हैं।

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इनमें सबसे पहला नाम लेंगे योगा मैट्स का, योगा का चलन बड़ी तेजी से दुनिया में बड़ा है और इसी तरह से योगा मैट्स भी काफी उपयोग में आने लगी है। लगातार इस्तेमाल करने के बाद योगा मैट्स काफी गंदे हो जाते हैं। इन गंदे मैट्स को हाथों से और साबुन से धोने की बजाए वाशिंग मशीन में डालकर आसानी से धोया जा सकता है।हालाँकि आप इसे मशीन में ठन्डे पानी में धोएं क्योंकि गर्म पानी से धोने से मैट की क्वालिटी थोड़ी खराब हो सकती है। योगा मैट के अलावा किचन में इस्तेमाल होने कपड़े और एसेसरीज भी वाशिंग मशीन में धोया जा सकते है। इतना ही नहीं आप वाशिंग मशीन में माउस पैड को भी धो सकते हैं। आप अपने बेड-शीट्स और पिलो कवर को धोने के लिए वाशिंग मशीन का इस्तेमाल कर सकते हैं इसके साथ ही आप अपने घर के हल्के कालिन और श्रग को भी धो या सूखा सकते हैं। इतना ही नहीं अगर आपने शर्दियों में उलेन कपड़ों को हाथों से धोया है तो आप इन्हे वाशिंग मशीन में सूखा सकते हैं।

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आपके हाथ के नीचे हमेशा रहने वाला माउस पैड बहुत ही ज्यादा और जल्दी गन्दा हो जाता है इसलिए आपको इसे जल्दी -जल्दी धोना चाहिए।
एक और बहुत जरुरी चीज जिसे धोना सबसे झनझट का काम लगता है वो है आपके जूते, आप अपने गंदे जूते आराम से मशीन में धूल सकते हैं बस आपको इन्हे धोने से पहले इनके लेसेस निकाल कर अलग कर दे ताकि जूतों की सफाई अच्छे से हो सके। आप जूतों को मशीन में न सुखाएं बल्कि बाहर निकाल कर नेचुरल तरीके से सूखने दें।
ये तो हो गयी सफाई की बात लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि कौन सी मशीन सबसे बढियाँ होती है।
आपको बता दें कि मार्किट में 3 तरह की वाशिंग मशीन उपलब्ध हैं

सेमी ऑटोमेटिक – यह पिछले समय की बात हो गयी है इस समय में इस मशीन की उपयोगिता बहुत ज्यादा नहीं रह गयी है।क्योंकि इसमें अधिकांश काम मैनुअली ही करना पड़ता है।

ऑटोमेटिक टॉप लोडिंग – यह मशीन आपको अधिकांश घरों में देखने को मिल जाएगी। इसमें आपको सिर्फ कपड़े और पानी डालना होता है और वाशिंग ऑप्शन सलेक्ट करना होता है। आपके कपड़े धूल कर और सुख कर तैयार हैं।

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फ्रंट लोडिंग मशीन – यह सबसे आधुनिक मशीन है इसमें अपेक्षाकृत कपड़े ज्यादा साफ धुलते है और इसमें पानी भी कम लगता है। लेकिन टॉप लोडिंग के मुकाबले इसमें बिजली की खपत ज्यादा और पानी की खपत कम होती है।
उम्मीद है अब आपको वाशिंग मशीन को लेकर कोई शंसय नहीं होगा।

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