भारत में भला पान के बारे में कौन नहीं जानता है, खासकर नार्थ इंडिया में आप कहीं चले जाएं आपको पान खाता हुआ कोई ना कोई अवश्य दिख जायेगा। पर इस पान की कहानी क्या है? आइए जानते हैं

लाइफस्टाइल के तौर पर भारत के कई हिस्सों में पान शामिल है और आज से नहीं, सदियों से पान ना केवल शौकिया लोग खाते हैं बल्कि कई लोग इसे दवा के रूप में इस्तेमाल करते हैं। इतना ही नहीं भगवान के पूजन अर्चन के लिए भी यह प्रयोग में लाया जाता है। कहा जाता है कि भगवान शंकर और मां पार्वती ने पान का पहला बीज लगाकर इसकी शुरुआत की थी इसीलिए पान को पवित्र माना जाता है। इसे तुलसी और बेलपत्र के समान ही पूजन अर्चन के कार्य मैं प्रयोग लाया जाता है।

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इसके अतिरिक्त महाभारत और रामायण काल तक में पान का प्रयोग किया गया है। रामायण देखने वाले तमाम लोग हनुमान जी के अशोक वाटिका में जाने का प्रसंग तो जानते ही होंगे। वहां पर जब हनुमान जी भगवान राम की लाई हुई मुद्रिका मां जानकी को देते हैं तो मां जानकी हनुमान जी को पान का माला बना कर देती है।

इसी प्रकार से महाभारत में लड़ाई जीतने के बाद अर्जुन ने यज्ञ किया था और उसी यज्ञ में पान के पत्ते की जरूरत पड़ी थी। कहा जाता है कि हर जगह ढूंढने के बाद भी जब अर्जुन को पान का पत्ता नहीं मिला तब नाग लोक की रानी से उन्होंने पान के पत्ते मांगे थे और इसीलिए पान के पत्ते को नागर बेल भी कहा जाता है।

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अगर पान की उपयोगिता की बात की जाए तो आयुर्वेद से इसका अच्छा खासा संबंध माना जाता है। पौराणिक कथाओं के भगवान धन्वंतरी ने पान की खूबियों का वर्णन किया है और एक चूहे पर इसके गुणों का इस्तेमाल करके इसे उन्होंने देखा था। बताया जाता है कि पाचन शक्ति बेहतर करता है और इससे मुंह से दुर्गंध नहीं आती और आप की आवाज क्लियर रहती है।

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पौराणिक काल से आगे बढ़ते हैं तुम मुगल काल में पान का इस्तेमाल खूब हुआ था। बताया जाता है कि यहीं से पान में इलायची लॉन्ग और चूना के साथ मिठाई, प्याज डालकर लोग खाते थे। शाही दरबार में भी इसका खूब प्रयोग होता था। यूपी के मुहावरे में पान बेहद प्रचलित था और इसका व्यापार भी बेहतर ढंग से होने लगा था। मुगल काल में जहांगीर की तेज तर्रार पत्नी नूरजहां ने पान को औरतों के प्रयोग में लाना शुरू किया। इससे पहले पुरुष ही पान का सेवन करते थे। कहा जाता है कि नूरजहां ने इसे मेकअप के तौर पर इस्तेमाल किया, क्योंकि पान से होंठ लाल हो जाते थे।

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धीरे धीरे नार्थ इंडिया में पान एक कल्चर के रूप में प्रसिद्ध हो गया और इसके कई रूप भी सामने आए जैसे सादा, मीठा, चॉकलेट लेकिन पान के इन रूपों में बनारसी पान सर्वाधिक प्रसिद्ध हुआ है। अगर आप यूट्यूब देखें तो पान की ऐसी ऐसी वेराइटी मिल जाएंगी की कोई आग में लिपटा हुआ पान खाता है तो कोई बर्फ के चूरे में बंधा हुआ पान सबका अपना-अपना स्वाद है।
लेकिन पान की यह कहानी आपको कैसी लगी कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं

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