Pic: youtube

पहले की बात छोड़ दीजिए पहले की बात भूल जाइए बात आज के चीज की है। बहुत कम लोग ऐसे हैं जो शहरी जीवन के चक्कर में प्रकृति को भूल से गए हैं ईट पत्थर की दीवारों और एक पत्थर की सोसाइटी के बीच वह अपने जीवन को एक मशीन की तरह गुजार रहे हैं। कभी-कभी वह पार्क में जाते हैं कभी-कभी वह टूर करते हैं जहां उन्हें जंगलों के दर्शन होते हैं। लेकिन ऐसे ट्रिप लोग भला साल भर में कितनी बार करते हैं जबकि प्रकृति के साथ हमारा समय रोज व्यतीत होना चाहिए। जाहिर तौर पर जिस प्रकार से तमाम लोग तनाव इत्यादि बढ़ रहे हैं उसके तमाम कारणों में से एक कारण यह भी है कि प्रकृति से इंसान दूर होता जा रहा है। इसके कई कारण है। किंतु इनमें से एक बड़ा सलूशन यह है कि अपनी व्यस्त दिनचर्या में से समय निकालकर गार्डनिंग की जाए कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि गार्डिंग से ना केवल आपको सुकून मिलता है बल्कि भागम- भाग के जीवन में आप की स्किल्स को भी उभार देता है। और अगर समझदारी से इस पर अमल किया जाए तो कई बार या प्रोडक्टिव भी होता है।

Pic: google

शहरों में छोटे से छत पर कई लोग सब्जियां उगा रहे हैं तो कई लोग फूलों की क्यारियां बनाकर उसमें शांति ढूंढने में सफल हो रहे हैं। आइए चलते हैं इस सफ़र पर छत पर अगर आपको गार्डनिंग करना हो तो मौसम के अनुकूल पौधे या सब्जियां लगाने की आपकी समझ होनी चाहिए वैसे भी अगर नए गमले और नई गार्डनिंग करनी हो तो बरसात का मौसम ज्यादा अनुकूल होता है और पौधे इस दरमियान ज्यादा पनपते हैं। पौधों को लगाने के बाद उन्हें अक्सर कई लोग सिर्फ पानी के सहारे बढ़ पाने और सींचने की कोशिश करते हैं किंतु पानी के अलावा खाद एक बड़ा माध्यम है जिससे पौधे उपजाऊ होते हैं। और खाद आपको कहीं से बाहर से लाने की जरूरत नहीं है बल्कि घर में बची खुची चीजों जैसे सब्जियों के छिलके फलों के छिलके इत्यादि से खाद आसानी से बनाई जा सकती है।

Pic: miraclegro

यह बात तो लगभग सभी को ज्ञात है कि गमले में लगाए पौधों में दिन में दो बार पानी देना चाहिए तो सभी पौधों का ख्याल रखना भी उतना ही आवश्यक है। एक जरूरी बात यह आपको जानना चाहिए कि छत पर अगर आप सीरियस गार्डिंग कर रहे हैं तो छत को वाटरप्रूफ जरूर बनाएं क्योंकि लगातार पानी देने से दीवारों में नमी जा सकती है। इसलिए छत को वाटर प्रूफिंग अवश्य कराएं। वहीँ अक्सर लोग छत पर भारी-भरकम सीमेंट के गमले रखने लगते हैं जिससे छत पर अनावश्यक रूप से वजन बढ़ता है। जहाँ तक संभव हो छत पर छोटे गमलों का प्रयोग करें वह भी प्लास्टिक इत्यादि के गमले हो तो ज्यादा बेहतर है। प्लास्टिक की मजबूत थैलियां हो तो ज्यादा बेहतर है। निश्चित तौर पर गार्डिंग के फायदों को बार बार बताने से कोई लाभ नहीं है बल्कि यह हर किसी को पता है किंतु जरूरत है तो बस इसको करने की। आप भी इसे आजमाइए और अपने कमेंट से हमें अवगत कराइए।

Leave a comment