होली के दिन दिल खिल जाते हैं, रंगों में रंग मिल जाते हैं….

बिलकुल सही है ये बात होली ऐसा त्यौहार है जब हम अपने सारे गिले-शिकवे भुला कर दुश्मन तक को गले लगा लेते हैं। इस दिन आप जहाँ देखेंगे वहीँ आपको होली के इंद्रधनुषीय रंग दिखाई देगा।  इन दिन ख़ुशी और जोश इतना ज्यादा रहता है कि यह कभी कभी -उन्माद का रूप ले लेता है और उन्माद में लोग अपने आप को या दूसरों के स्वास्थ्य का भी ध्यान नहीं रखते हैं।

आज कल वैसे भी बाजार में केमिकल वाले रंग-गुलाल आ गए हैं जो कि हर तरह से आपकी त्वचा और स्वास्थ्य को नुकशान पहुंचा सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह भी है कि हम होली ही न खेलें अरे भाई हमें होली भी खेलनी है और अपना तथा दूसरों क ध्यान भी रखना है। इसके लिए आज हम कुछ ऐसी छोटी -छोटी सेफ्टी टिप्स बताएँगे जिससे आपके होली के हुड़दंग में भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा और आपकी सेहत को भी नुकशान नहीं पहुंचेगा।

Holi, Indian Culture (Pic: unsplash)

केमिकल वाले रंगों से बचें

होली प्यार और सौहार्द का त्यौहार है इसमें अगर किसी को नुकशान पहुंचे तो सारा मजा किरकिरा हो जाता है, इतना ही नहीं दूसरों के साथ ही त्योहारों में हमें अपना भी ख्याल रखना पड़ता है। इसलिए जितना हो सके होली में केमिकल वाले रंग और गुलाल से परहेज करें।

हालाँकि ये रंग सस्ते और आसानी से उपलब्ध होते हैं मगर ये उतना ही ज्यादा नुकशान भी पहुंचाते हैं। इसलिए यथा संभव प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें आजकल बाजार में आपको हर्बल कलर भी आसानी से मिल जायेंगे हालाँकि अपेक्षाकृत से थोड़े महंगे जरूर होते हैं मगर ये आपकी त्वचा को नुकशान भी कम पहुंचाते हैं। इसके साथ ही अगर आपको ज्यादा दिक्कत न हो तो आप हल्दी, आटा, मेहंदी और गेंदेका फूल भी रंग की जगह इस्तेमाल कर सकते हैं।

Holi, Indian Culture(pic: queensmuseum)

आँखों, बाल और त्वचा को इस तरह रखें सुरक्षित

रंगो का सबसे अधिक दुष्प्रभाव आपकी त्वचा, आंख और बालों पर पड़ता है।इस लिए जब होली खेलने घर से बाहर निकलें तो इनका विशेष ध्यान रखें। अपनी त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए आप अपने पूरे शरीर पर नारियल तेल या मॉश्चराइजर की मोटी परत चढ़ा लें। इसके साथ ही अगर कई बार आपके ऊपर रंग पड़ चूका है तो मौका मिलते ही इसे सादे पानी से धो लें। वहीं बालों की सुरक्षा के लिए आप इनमे भी कोई भी हेयर आयल लगा लें और संभव हो तो इन्हे कपड़े से बांध लें।

वहीँ सबसे जरुरी हैं आंख अक्सर लोग आपके मुँह पर गुलाल फेंक देते हैं वहीँ ये उड़ कर अगर आपकी आँखों में चला जाये तो काफी नुकशानदायक हो सकता है। इसलिए अपनी आँखों का विशेष ध्यान रखें। इसके साथ ही अगर आपके आंख में गुलाल चला जाये तो आँखों को मले नहीं बल्कि पानी के छींटे मारकर निकालने का प्रयास करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

Holi, Indian Culture (Pic: wallup)

कैसे निकाले होली के रंग

होली में रंग खेलने में जितना मजा आता है उतना ही उसे निकालने में तकलीफ भी होती है। होली के रंगो को साफ करते वक्त ध्यान रखना चाहिए कि इनको छुड़ाने के चक्कर में खूब रगड़ा न जाये नहीं तो आपके स्किन पर रैसेज आ सकते हैं। इसके साथ ही गर्म पानी की जगह ठन्डे पानी का प्रयोग भी अच्छा रहेगा। वहीं आप रंग को छुड़ाने के लिए साबुन शैम्पू की जगह दही में चंदन पावडर और नींबू का रस एवं हल्दी मिलाकर पूरे शरीर की मसाज करें, होली के रंग बिल्कुल आसानी से छुट जाएंगे।इसके साथ ही रूई में ऑलिव आयल को लगाकर चेहरे पर हल्के हाथों से रगड़ने से भी रंग निकल जाता है।

वहीं आप घर पर बनने वाले उबटन या मलाई में बेसन मिलाकर भी चेहरे के रंग को छुड़ा सकते हैं। अंत में सबसे जरुरी बात ये कि त्यौहार चाहें कोई भी हमारे स्वास्थ्य से बढ़ कर नहीं होता है।  त्योहारों का तो मकसद  ही यही है कि हमारे जीवन में खुशियां लाएं। इसलिए त्योहारों के उमंग में अपना तथा दूसरों के सेहत का भी ख्याल रखें तब जा कर इनका असली आनंद आएगा।

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